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Tulsi Puja Vidhi

तुलसी पूजा विधि

Pooja · पूजाGoddess Tulsi · वृंदा~5 min read
तुलसी पूजा व जल अर्पण विधि — Tulsi Puja Procedure

Lyrics in Hindi

तुलसी जी का महत्व:
हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को माता माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी हरि-भरी रहती है, वहां सदा लक्ष्मी और नारायण का वास होता है। भगवान विष्णु की कोई भी पूजा बिना तुलसी दल के पूरी नहीं मानी जाती।

दैनिक पूजा विधि:
१. प्रातः काल स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
२. एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें (इसमें थोड़ा गंगाजल भी मिला सकते हैं)।
३. सूर्योदय के समय तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं।
४. जल चढ़ाते समय निम्न मंत्र का उच्चारण करें:
"महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी। आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते॥"
५. जल अर्पण के बाद तुलसी माता को कुमकुम या रोली का तिलक लगाएं।
६. थोड़ा सा अक्षत (चावल) और पुष्प अर्पित करें।
७. तुलसी जी की तीन परिक्रमा करें।
८. संध्या काल (गोधूलि बेला) में तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें।

ध्यान रखने योग्य बातें:
- रविवार, एकादशी और सूर्य व चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी के पौधे को जल नहीं चढ़ाना चाहिए और न ही इसके पत्ते तोड़ने चाहिए।
- पत्ते हमेशा स्नान के बाद ही तोड़ने चाहिए और कभी भी नाखूनों से नहीं तोड़ने चाहिए।