शिव पूजा और अभिषेक विधि
भगवान शिव की पूजा का महत्व:
भगवान शिव भोलेनाथ हैं, वे मात्र जल और बेलपत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पूजा विशेष रूप से सोमवार, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि को की जाती है।
पूजा सामग्री:
जल, कच्चा दूध, दही, शहद, घी, चीनी (पंचामृत), बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल, सफेद चंदन (भस्म), रोली, अक्षत (साबुत चावल), जनेऊ और नैवेद्य।
पूजा व अभिषेक विधि (रुद्राभिषेक):
१. प्रातः काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
२. सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें।
३. शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल से अभिषेक करें।
४. 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) से शिवलिंग को स्नान कराएं।
५. पुनः शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं।
६. शिवलिंग पर त्रिपुंड (सफेद चंदन की तीन रेखाएं) लगाएं।
७. बेलपत्र (जिसके तीनों पत्ते साबुत हों), धतूरा, आक के फूल और सफेद पुष्प अर्पित करें। बेलपत्र को उल्टा करके यानी चिकनी सतह को शिवलिंग से छुआते हुए चढ़ाएं।
८. धूप और दीप दिखाएं तथा फल, मिठाई और मेवे का भोग लगाएं।
९. शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में शिव आरती (ॐ जय शिव ओंकारा) गाएं।
ध्यान रखने योग्य बातें:
शिवलिंग पर कभी भी हल्दी, कुमकुम (लाल सिन्दूर) या तुलसी दल नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव की पूजा में सफेद चंदन और भस्म (राख) का ही प्रयोग मुख्य रूप से होता है।