गायत्री माता आरती — ॐ जय गायत्री माता
ॐ जय गायत्री माता, मैया जय गायत्री माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
चार वेद की मैया, चार हाथ शोभाती।
हंस वाहिनी माता, शुभ्र वस्त्र सुहाती॥
वेद-पुराण बखानत, ऋषि-मुनि मन भाती।
शास्त्र-उपनिषद् चर्चित, तीनों लोक सोहाती॥
ब्रह्म-विद्या जो मैया, पढ़े चित्त लगाई।
बुद्धि प्रकाश हो जाए, पाप-ताप मिट जाई॥
गायत्री-मंत्र जो जपे, नर सुख-मंगल पावे।
जो आरती गायत्री की, घर आनन्द उमड़ावे॥
ॐ जय गायत्री माता, मैया जय गायत्री माता॥
गायत्री मंत्र:
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥